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Title: कानों की सुन्दरता Ears beauty
Author: Unknown
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परिचय-           बहुत सी महिलाएं अपने बालों, मेकअप तथा शरीर की तरफ तो पूरा ध्यान देती है लेकिन कानों को तो वो बिल्कुल ही भूल जाती है। जबकि क...
परिचय-
          बहुत सी महिलाएं अपने बालों, मेकअप तथा शरीर की तरफ तो पूरा ध्यान देती है लेकिन कानों को तो वो बिल्कुल ही भूल जाती है। जबकि कानों की सुन्दरता भी शरीर के बाकी अंगों की तरह ही खास होती है। इसलिए जब अपने बालों में शैंपू करें कानों को भी शैंपू से धो लें ताकि वह भी पूरी तरह से साफ हो जाए। अगर आप कानों में हमेशा बालियां पहनती है तो कान के छेदों के आसपास की गन्दगी पर भी ध्यान देना चाहिए। हो सकता है कि आपको इस गंदगी के बारे में पता न चले परन्तु उसकी वजह से दूसरे आपको देखकर मुंह सिकोड़ सकते हैं। इसलिए हर सप्ताह बालियों को कानों से निकालकर साबुन के पानी के घोल में अच्छी तरह से साफ करें तथा कानों के छिद्रों और उसके आस-पास जमा गंदगी को भी साफ करें। कान के बाहर के भाग की सफाई करने के लिए कॉटन-बड को हाइड्रोजन पेराआक्साइड, क्लिजिंग मिल्क या किसी लोशन में भिगोकर हल्के से साफ कर लें।
चिकित्सा-
          ज्यादा शोर-शराबा कानों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए ज्यादा शोर-शराबे से जितना दूर रहें, उतना ही अच्छा है। ज्यादा शोरगुल में रहने से आवाज के स्नायु पर बुरा असर पड़ता है जिससे कानों में घंटियों के बजने की बर्दाश्त न करने वाली टिन्नायटस की हालत पैदा हो जाती है। जिन स्त्री-पुरूषों को यह रोग होता है वे लोग खुद को दूसरों के सामने अजीब सा महसूस करते हैं क्योंकि उनसे कोई कुछ बोलता है तो वे मुश्किल से उनकी बातें सुन पाते हैं। शोर-शराबे के अलावा सर्दी, बुखार, डिफ्थीरिया, खसरा, साइनस के फैलने या दूसरे रोगों के कारण भी सुनने की शक्ति कमजोर हो जाती है। अगर कानों में घंटी सी बजने की आवाजें आती हैं तो ये बहरेपन का सबसे पहला लक्षण होता है। इसलिए अगर कानों में ऐसी कोई आवाज आदि सुनाई दें तो तुरन्त ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

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