रिचय-
आज के मार्डन युग में हर लड़की खूबसूरत दिखने की दौड़ में एक दूसरे से आगे भागने की कोशिश कर रही है। वे अपने चेहरे और अपने शरीर को इस तरह बनाकर रखती है कि हर कोई उसे देखता है। लेकिन इन सबके साथ एक चीज और जरूरी है दूसरों को आपकी ओर आकर्षित करने के लिए और वे है आपके पहने जाने वाले कपड़ें। अगर आप सुन्दर चेहरे और सुन्दर शरीर की मालकिन है और आपको कपड़े पहनने का तरीका नहीं है तो कोई आपको दुबारा मुड़कर नहीं देखेगा। अपने आपको दूसरों के प्रति आकर्षित करना कोई मुश्किल काम नहीं है बस जरूरत है कि आप अपने आपको किस तरह तैयार करती हैं।
सुन्दर दिखना हर नारी का सबसे बड़ा सपना रहा है ये आज से नहीं बल्कि सदियों से चलता आ रहा है। जो स्त्री सुन्दर होती है वह सोचती है कि मै इतनी ज्यादा सुन्दर हो जाऊं कि हर कोई मुझे ही देखें और जो स्त्री असल में सुन्दर नहीं होती वो सुन्दर बनने के लिए जितना उसके बस में होता है वो करती है। उसको सुन्दर बनाने के लिए कोई कुछ भी बताता है कोई नुस्खा, कोई क्रीम या कुछ भी, वो सब कुछ आजमाती है।
वैसे तो कहते हैं कि खूबसूरती कुदरत की देन है फिर इसको बढ़ाने के लिए बनावटी मेकअप के सामानो को इस्तेमाल क्यों किया जाए। घर के ही सामान से बने जैसे- फल-फूल, दूध-दही या दूसरी जड़ी-बूटियों से बनाए गए लेप या उबटन दूसरे मेकअप के सामानों से ना केवल सस्ते होते हैं बल्कि उनसे कहीं ज्यादा असरदार साबित होते हैं। पर आज की मार्डन नारी इन सब चीजों को समय की बर्बादी मानती है। वह सोचती है कि जब हमे बाजार में बने-बनाए सामान मिल जाते हैं तो हम क्यों घर में समय और मेहनत बर्बाद करें। उनको इन चीजों के बाद के दुष्परिणाम सोचने तक का समय नहीं होता। हमने यहां पर आजकल की नारियों को ये ही बताने की कोशिश की है कि आपकी त्वचा किस प्रकार की है क्योंकि वह ये भी नहीं जानती कि हमारी त्वचा भी अलग-अलग प्रकार की होती है जिस पर हर तरह को मेकअप का सामान लगाना कभी-कभी नुकसानदायक भी हो सकता है।
- बहुत सी लड़कियां होती है जो फैशन के अनुसार कुछ भी पहन लेती है चाहे वो उनके शरीर की बनावट के अनुसार अच्छा नहीं लग रहा हो या वो खुद भी उन कपड़ों के अन्दर अपने आपको असहज महसूस कर रही हो। इसलिए कपड़ें वे ही पहनने चाहिए जिसमें आप बिल्कुल कम्फीटेबल महसूस करें और दूसरों को भी देखने मे अच्छे लगे।
- बाजार से अपने लिए कोई ड्रैस खरीदते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह ड्रैस और उसका रंग आपकी पर्सनेलटी को सूट करता है या नहीं। फिर उस ड्रैस को पहनकर देख लें कि आप खुद को उसके अन्दर कितना कम्फीटेबल महसूस कर रही है और उसमें आपकी खूबसूरती कितनी निखर रही है। कभी भी ड्रैस के रंग को उस समय चल रहे फैशन के रंग के अनुसार न खरीदें या यह कि ये रंग आपके किसी रिलेटिव (रिश्तेदार) या दोस्त के ऊपर अच्छा लग रही है। रंग वह ही पसन्द करें जिसमे आपकी पर्सनेलिटी अलग नजर आए।
- जो भी ड्रैस आप पहनती है, उसे पहनने से पहले देख लें कि वह बिल्कुल साफ-सुथरी धुली हुई है, उसमे कोई दाग-धब्बा तो नहीं है क्योंकि ड्रैस में लगा हुआ कोई भी दाग-धब्बा उस पूरी ड्रैस और आपकी पर्सनेलटी को खराब कर सकता है। फिर उस ड्रैस में अच्छी तरह प्रैस भी होनी चाहिए वो बिल्कुल भी सिकुड़ी हुई नहीं होनी चाहिए। फिर ड्रैस को पहनने के बाद उसमे अच्छी तरह से परफ्यूम या इत्र आदि लगा लें ताकि ड्रैस के साथ आप भी महकते रहें।
- कपड़े हमेशा अच्छे जानी-मानी कंपनी की दुकानों से ही खरीदने चाहिए। यहां पर कपड़े बेशक थोड़े मंहगे मिलते हों पर कपड़े हमेशा अच्छी क्वालिटी के, सही तरीके से सिले हुए और पके रंगों के होते हैं। उनके खराब होने के चांस बहुत कम होते हैं। इसके अलावा बहुत सारे कपड़ों में से और रंगों में जो आपको सबसे बैस्ट लगता हो वह ही खरीदना चाहिए।
- कपड़े खरीदते समय स्त्रियों को एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि उनके वार्डरोब मे हमेशा ज्यादा का एहसास होना चाहिए। अपने वार्डरोब में कुछ सिम्पल कपड़े रखना एक अच्छा आइडिया है। एक बिल्कुल प्लेन और सिम्पल साड़ी को जरी के ब्लाउज के साथ पहना जा सकता है। ऐसे ही एक प्लेन सलवार-कमीज या प्लेन चूड़ीदार कमीज को किसी खास दुपट्टे के साथ पहना जा सकता है। अगर आप कही बाहर मार्किट जाती है तो इन कपड़ों के साथ प्लेन दुपट्टा या चोली पहन सकती है। एक ही ड्रैस को ज्यादातर पहनने की आदत न डालें क्योंकि फिर लोग-बाग आपको उसी ड्रैस से पहचानने लगेगें।
- कपड़ों के रंगों से हमारे दिमाग की स्थिति भी पता चलती है जैसे- लाल रंग पहनने से हमारे शरीर में तनाव सा महसूस होता है तथा नीला रंग शरीर को आराम देता है। लाल रंग पहनने से हमारे शरीर मे उत्तेजना पैदा होती है। गुलाबी रंग शरीर में गर्माहट और रोमांस लाता है। पीला रंग उत्तेजक और कॉन्फीडैन्स देने वाला होता है। इस तरह अपने मूड और जहां आपको जाना है वहां के हिसाब से आप कपड़ों के रंग को चुन सकते हैं।
- कपड़े हमेशा वह ही खरीदने चाहिए जो कि पूरे साल और हर मौसम मे पहनने के लायक हो जैसे बारिश में आप जो कपड़े खरीदते हैं तो उनमे आसानी से पानी न सोख पाए और अगर ऐसा हो तो कपड़े जल्दी ही सूख जाए, बिना सिकुड़े हुए। सूती और सिल्क वाले कपड़े बारिश के मौसम के लिए नहीं है क्योंकि ऐसे कपड़े न केवल ज्यादा पानी सोखते हैं बल्कि सूखने के बाद एकदम सिकुड़ जाते हैं। नायलोन, टेरालीन, पॉलिस्टर, रैयान तथा बाकी व्यक्ति के द्वारा बनाए गए कपड़े ही बारिश के मौसम मे ठीक रहते हैं क्योंकि ऐसे कपड़े जल्दी सूख जाते हैं और इनमे सलवट भी नहीं पड़ती। गर्मी के मौसम में नायलोन, जॉर्जेट और भारी कपड़े नहीं पहनने चाहिए बल्कि रिफॉन, कड़क ऑरगैण्डी, अमेरिकन जार्जेट वाले ठण्डे कपड़े पहनने चाहिए। सर्दी के लिए गर्म कपड़े जैसे नायलोन, वाले ठण्डे कपड़े पहनने चाहिए। सर्दी के मौसम में पहनने के लिए गर्म कपड़े जैसे नायलोन, सिल्क, ऊनी कपड़े होते हैं।
सावधानी-
तो अब आप जब भी बाहर जाएं वही कपड़े पहने जो उस समय के हिसाब से फिट हो। हल्के रंगों के कपड़े सुबह के समय और गाढ़े रंगों के कपड़े शाम को पहनें। ऐसे ही हल्के रंग के कपड़े गर्मी के मौसम में और गहरे रंगों के कपड़े बारिश और सर्दी के मौसम मे पहनने चाहिए। दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सिर्फ सुन्दर होना ही जरूरी नहीं है बल्कि सुन्दरता के साथ आप अपने आपको किस तरह तैयार करके बाहर निकलती है ये भी बहुत जरूरी है।
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